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Abstract

भारतीय समाज में धर्म की महत्ता सर्वोपरि ही मानी गई हैं धर्म के मार्ग पर चलकर ही मनुष्यता सही अर्थो में फलीभूत होती है धर्म एक प्रकार की शैली है, जीवन-व्यवहार का आधार है। धर्म प्रबुद्ध जनों द्वारा रचित नैतिक नियमों को लागू करने के प्रयत्न का एक नाम है। यह एक प्रकार से सात्विक जीवन के निर्वाह का मार्ग है। मनुष्य के जीवन को पवित्र एवं क्षोभरहित बनाये जाने की युक्ति है, जिसे अपनाकर मानव जीवन सच्चें अर्थो में साकार हो उठता है।

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